Quotes Sheikh Saadi

सब कुछ लुट जाने के बाद भी भविष्य बाकी रहता है।     —शेख सादी
निराशावाद से कभी युद्ध नहीं जीता जाता । — शेख सादी

अच्छी आदतों की मालिक नेक और पाकदामन औरत किसी फ़क़ीर के घर में भी हो तो उसे बादशाह बना देती है। —शैख़ सादी

ख़ुदा एक दरवाजा बंद करने से पहले दूसरा खोल देता है ,उसे आजमा कर देखो —शैख़ सादी

बेवकूफ इन्‍सान बेवकूफी ही सिखाएगा —शैख़ सादी

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Sheikh Saadi Urdu Quotes

मेरे पास वक़्त नहीं है उन लोगों से नफरत करने का, जो मुझसे नफरत करते हैं,
क्यों की, में मसरूफ रहता हूँ उन लोगों में जो मुझ से मोहब्बत करतें हैं।

जब मुझे पता चला की मखमल के बिस्तर और ज़मीन पर सोने वालों के ख्वाब एक जैसे
और क़बर भी एक जैसी होती है तो मुझे अल्लाह के इंसाफ पर यकीन आ गया।

खाक से बने इंसान में अगर खाक्सारी (विनम्रता) ना हो तो उसका होना, ना होना बराबर है।

मौत और मोहब्बत दोनों ही बिन बुलाये मेहमान होते हैं, फ़र्क़ सिर्फ इतना होता है की,
मोहब्बत दिल ले जाती है और मौत धड़कन।

Sheikh Saadi — शेख सादी

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Sheikh Saadi Hindi Quotes

आसमान पर निगाह ज़रूर रखो मगर ये मत भूलो के पैर ज़मीन पर ही रखें जातें हैं।

अगर तुम अल्लाह की इबादत नहीं कर सकते तो गुनाह करना भी छोड़ दो।

दिन की रौशनी में रिज़्क़ तलाश करो, रात को उसे तलाश करो जो तुम्हें रिज़्क़ देता है।

बुरी सोहबत के दोस्तों से कांटे अच्छे हैं जो सिर्फ एक बार ज़ख्म देते हैं।

जो दुख दे उसे छोड़ दो, मगर जिसे छोड़ दो उसे दुःख ना दो।

Sheikh Saadi — शेख सादी

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Sheikh Saadi Quotes

इंसान मुस्तक़बिल को सोच के अपना हाल ज़ाया करता है,
फिर मुस्तक़बिल मैं अपना माज़ी याद कर के रोता है।

मुस्तकबिल = भविष्य, माज़ी = भूतकाल, हाल = वर्तमान

Sheikh Saadi
इंसान दौलत कमाने के लिए अपनी सेहत खो देता है
और फिर सेहत को वापिस पाने के लिए अपनी दौलत खो देता है।
जीता ऐसे है जैसे कभी मरना ही नहीं है,
और मर जाता ऐसे है जैसे कभी जिया ही नहीं।

ताज्जुब की बात है अल्लाह अपनी इतनी सारी मख्लूक़ में से मुझे नहीं भूलता
और मेरा तो एक ही अल्लाह है में उसे भूल जाता हूँ।

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hazrat ali ne farmaya

ज़िल्लत उठाने से बेहतर है तकलीफ उठाओ .

कभी भी अपनी जिस्मानी ताकत और दौलत पर भरोसा न करना क्युँकि बीमारी और ग़रीबी आने में देर नही लगती…!!

“इंसान की ज़ुबान उसकी अक्ल का पता देती है और आदमी अपनी ज़ुबान के नीचे छुपा होता है !!”

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hazrat ali

बुरी औरत की पहचान

अपने आप को ढांप कर नहीं रखेगी।

अपने खाविंद की नफरमानी करेगी।

बदजुबान होगी।

बालों की नुमाईश करेगी।

खानदान भर में अपने आपको आकिल ख्याल करेगी।

दुसरों को बात न करने देगी

नींद उसे बहुत अजीज होगी।

अपनी आवाज को बहुत बुलंद करके बात करेगी।

कपड़े बारीक और दिखावे वाले पहनेंगी।

पीठ पिछे अपने खानदान की बुराई करेगी।

बाजारों के चक्कर लगाने की शौकीन होगी
-हजरत अली

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hindi quotes hazrat ali

बुरे मर्द की पहचान

1 तकब्बूर करेगा।
2.अकड के बोलेगा।
3. दिखावा ज्यादा करेगा।
4.बदजुबान होगा।
5.अकड कर चलेगा।
6. खानदान में सबको जलील करेगा।
7. अपने पैसे पर नाज करेगा।
8. अपने सेहत पर नाज करेगा।
9. बुजुर्गों को जलील करके खुश होगा।
10. अपनी जवानी के किस्से ज्यादा सुनाया करेगा।
11. हासिद होगा।
12. मां बाप का नफरमान होगा।
-हजरत अली

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quotes hazrat ali

जब गुनाह के बावजूद अल्लाह की नेअमते मुसलसल तुझे मिलती रहे तो तु होशियार हो जाना के तेरा हिसाब करिब और सख्त तरिन है हज़रत अली

कोई गुनाह लज्जत के लिए मत करना क्यो की लज्जत खत्म गुनाह बाकी रहेगा और कोई नेकी तकलीफ की वजह से मत छोड ना क्यो की तखलीफ खत्म हो जायेगी पर नेकी बाकी रहेगी

एक ज़माना ऐसा भी आएगा कि लोग अपने रब को भुल जाएंगे,लिबास बहुत क़ीमती पहन कर बज़ार में अकड़ कर चलेंगे और इस बात से बेखबर होंगे के उसी बाज़ार में उन का कफन मौजूद है ।

जाहिल के सामने अक़्ल की बात मत करो पहले वो बहस करेगा फिर अपनी हार देखकर दुश्मन हो जायेगा

जब नेमतों पर शुक्र अदा किया जाए तो वह कभी ख़त्म नही होती ।

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hazrat ali urdu quotes

नेक लोगों की सोहबत से हमेशा भलाई ही मिलती हे क्यों के..हवा जब फूलो से गुज़रती हे तो वो भी खुश्बुदार हो जाती हे…! हज़रत अली.

किसी ने हजरत अली रज़ी. से पूछा के जिनकी माँ नही होती उनके बच्चों को दुआ कौन देता है? आप फरमाया के कोई झील अगर सुख भी जाए तो मिट्टी से नमी नही जाती इसी तरह माँ के इन्तेकाल के बाद भी अपनी औलाद को दुआ देती रहती है.

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hazrat ali hindi quotes

नमाज़ की फ़िक्र अपने ऊपर फ़र्ज़ करलो..!! खुदा की कसम दुनिया की फ़िक्र से आज़ाद हो जाओगे,और क़ामयाबी तुम्हारे क़दम चूमेंगी… ( हज़रत अली रदियल्लाहु ता आला अन्हू )

“अपने जिस्म को ज़रूरत से ज़्यादा न सवारों,क्योंकि इसे तो मिट्टी में मिल जाना है,सवॉरना है तो अपनी रूह को सवॉरों क्योंकि इसे तुम्हारे रब के पास जाना है” हज़रत अली

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