yun to hone ko gulistan bhi hai birana bhi hindi-ghazal

यू तो होने को गुलिस्ताँ भी है बिराना भी है
देखना ये है, के हम मे कोई दीवाना भी है|

बात सदा ही सही, लेकिन हकीमा भी है
यानी हर इंसान बा-कद्रे होश दीवाना भी है|

होशयार,ओ-मस्ते,साहेबा-ए-तागाफूल,होशयार
इस्क की फ़ितरत मे एक शाने हारीफना भी है|

होश मे रहता तो क्या जाने कहाँ रखता क़दम
ये गनीमत है, मज़ा-ज़ा इस्क दीवाना भी है|

किस जगह वाकीया हुया है हज़रते वाइज़ के घर
दूर मस्जिद भी नही नज़दीक मयखना भी है|

मिलता जुलता है मिज़ाज़े हुस्सैन ही से रंगे इस्क
शम्मा गर बे-बाक है गुस्ताक़ परवाना भी है|

ज़िंदगानी ता-कुजा सिर्फ़ जाम -बा सबु
बे खबर मयखना है,एक और मयखना भी है|

खैर है ज़ाहिद ये कैसा इन्क़िलाब आया है आज
तेरे हर अंदाज़ मे एक कैफ़े रिंदाना भी है|

हासीले हर जुस्तजु आख़िर यही निकला जिगर
इस्क खुद मंज़िल भी है,मंज़िल से बेगाना भी है|