kasti-ey-dil ke na khuda salle-ala-mohammad

कास्ती-ए-दिल के ना खुदा सल्ले-अला-मोहम्मद
नुहे बनी के पेशबा सल्ले-अला-मोहम्मद

माहा-बा-शो के मैयलका अहेले दिलो के दिल-रूबा
रूही फिदा एक मरहबा सल्ल्ले-अल्ला-मोहम्मद

अहमद अहद के राज़ का मीम ही पर्दा दार था
आप मे आप था छुपा सल्ले-अला-मोहम्मद

खुद ही बुलाया खुद ही गया बनके क़लीम तूर पर
खुद ही गॅश आया बोल उठा सल्ले-अला-मोहम्मद

करती है शोर बुल-बुले, नगमा सारा है कुमरिया
धूम पढ़ी है जां-वा-जान सल्ले-अला-मोहम्मद

बेदम खुस्ता तन से आज देखा चमन मे माजरा
बर्ग को गुल ने दी सदा सल्ले-अला-मोहम्मद