hindi shayri ey khuda aaj ye fasla kar de

अय खुदा आज ये फैसला कर दे,
मुझे उसका या उसे मेरा कर दे
बहुत दुख सहे है उसकी खातिर,
अब कोई खुसी मेरे मुकद्दर कर दे,
या ख़तम कर ये जिंदिगानी,
और मुझे फ़ना कर दे